Saturday, 17 Jan, 2026 11:26 AM
नए आपराधिक कानून: भारतीय न्याय संहिता के तहत पहली FIR हुई दर्ज

Published on: 05-Feb-2026

नए आपराधिक कानून: भारतीय न्याय संहिता के तहत पहली FIR हुई दर्ज

नए आपराधिक कानून: भारतीय न्याय संहिता के तहत पहली FIR हुई दर्ज

आज देशभर में नए आपराधिक कानून लागू हो चुके और नए कानून के तहत दिल्ली राज्य में पहला मामला दर्ज कर लिया गया है। मामला दिल्ली के कमला मार्केट के थाना इलाके में दर्ज हुआ है। जिसमें खुद पुलिस थाने के सब इंस्पेक्टर ने आरोपी के विरूद्व शिकायत दर्ज कराई है।दर्ज मामले के मुताबिकउप निरीक्षक कार्तिक मीणा ने यह FIR दर्ज कराई गईहै। और बताया जा रहा है कि उप निरीक्षक इलाके में गश्त कर रहे थेतभी वह नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के फुट ब्रिज के पास डीलक्स शौचालय के नजदीक पहुंचे । और देखा कि यहां पर एक शख्स अपनी रेहड़ी लगाकर आम रास्ते पर पानीबिड़ी और सिगरेट बेच रहा था।

जिजसे लोगों को वहां से आने जाने में परेशानी हो रही थी। तभी उप-निरीक्षक ने उसे रेहड़ी हटाने के लिए कहा। लेकिन रेहड़ी मालिक ने अपनी मजबूरी बताई। वहां से नहीं जाने पर पुलिस कर्मी ने रेहड़ी वाले के विरूद्व सरकारी जमीन पर अतिक्रमण करने और आमजन के आने जाने में परेशानी करने का मामला दर्ज किया है। एफआईआर के मुताबिकआरोपी की पहचान पंकज कुमार के रूप में हुई हैजो बिहार के बाढ़ इलाके का रहने वाला है।

दिल्ली के पुलिस आयुक्त संजय अरोड़ा ने कहा है कि दिल्ली पुलिस तीनो नए कानूनों को लागू करने के लिए तैयार है। और आज सुबह पुरे भारत में नए कानूनों के तहत एफआईआर दर्ज करना भी शुरू कर दिया है।पुराने मामले में IPC के तहत निपटाए जाएंगे: स्पेशल सीपी छाया शर्मा दिल्ली पुलिस की स्पेशल सीपी छाया शर्मा ने बताया कि पुराने मामलों को IPC के तहत निपटाया जाएगा। और एक जुलाई 2024 से जब नए मामले दर्ज किए जाएंगेतो उन पर बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता) की धाराएं लागू होंगी। इन सभी को धाराओं का पालन करना होगा। और अब नए मामलों को भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धाराओं के तहत निपटाया जाएगा।

और तीनो नए आपराधिक कानूनों को लागू होने पर पुडुचेरी की पूर्व एलजी और पूर्व आईपीएस अधिकारी श्रीमती किरण बेदी ने कहा कि इससे मुझे जो सबसे बड़ा लाभ दिखाई दे रहा हैवह यह है कि इससे पुलिस को जवाबदेहीपारदर्शितातकनीकपीड़ितों के अधिकारकोर्टो में त्वरित सुनवाईअभियुक्तों के अधिकारों के लिए पुनः प्रशिक्षण मिल रहा है।

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